रामजी ने किया नवरात्रि व्रत — श्रीराम की अनसुनी व्रत क
नवरात्रि से जुड़ी अधिकतर कथाएँ हम बचपन से सुनते आए हैं — माँ दुर्गा का महिषासुर वध, या फिर रामजी का रावण पर विजय पाना। पर एक प्रसंग ऐसा भी है जो सामान्य जनसमुदाय में उतना प्रचलित नहीं है: स्वयं भगवान श्रीराम ने रावण का वध करने से पहले नवरात्रि व्रत किया था। यह कथा देवी भागवत पुराण की परंपरा में मिलती है, और इसकी जड़ें माँ सीता के एक पूर्व जन्म से जुड़ी हैं। श्रीराम द्वारा माँ भगवती की आराधना माता सीता के शाप की कथा एक मुनि-पुत्री तपस्विनी वन में तप कर रही थीं। एक दैत्य ने बलपूर्वक उन्हें विवाह के लिए विवश करने की कोशिश की। बार-बार मना करने पर भी जब दैत्य ने दुराग्रह नहीं छोड़ा, तो तपस्विनी ने शाप दिया — तुम्हारे संहार के लिए मैं स्त्रीरूप में जन्म लूँगी, और मेरे उस अवतार का माता के गर्भ से कोई संबंध नहीं होगा। यही तपस्विनी आगे चलकर सीताजी के रूप में प्रकट हुईं, और वह दैत्य रावण था। यही कारण है कि सीताजी अयोध्याकांड में राजा जनक को हल जोतते समय भूमि से प्राप्त हुई थीं — जन्म नहीं, प्राकट्य। राम का विलाप और नारदजी का आगमन जब रावण सीताजी का हरण करके ले गया, तो श्रीराम विरह में ...