श्रीकृष्ण के रोने का रहस्य : जब गोपी ने पूछा – 'प्रभु ! आप क्यों रोते हैं ?' | जन्माष्टमी 2026 (4 सितंबर)
भगवान श्रीकृष्ण को हम सदैव मुस्कुराते हुए, मुरली बजाते हुए और अपने भक्तों को आनंद का मार्ग दिखाते हुए देखते हैं। वे प्रेम, करुणा और भक्ति के साक्षात स्वरूप माने जाते हैं। लेकिन क्या आपने कभी कल्पना की है कि भगवान श्रीकृष्ण भी रो सकते हैं? आँखों में प्रेम के आँसू लिए भगवान श्रीकृष्ण भक्ति परंपरा में एक अत्यंत भावपूर्ण कथा प्रचलित है, जो बताती है कि भगवान के आँसू किसी दुःख के नहीं, बल्कि उनके भक्तों के प्रति असीम प्रेम और करुणा के प्रतीक हैं। जब गोपी ने देखा श्रीकृष्ण की आँखों में आँसू एक दिन वृंदावन की एक गोपी ने देखा कि भगवान श्रीकृष्ण एकांत में बैठे हैं। उनके नेत्रों से अश्रुधारा बह रही थी। यह दृश्य देखकर वह चकित रह गई। वह धीरे-धीरे श्रीकृष्ण के पास पहुँची और विनम्रता से बोली— "प्रभु! आप तो स्वयं पूर्ण परमात्मा हैं। आपके पास सब कुछ है। फिर आपकी आँखों में आँसू क्यों हैं?" श्रीकृष्ण मुस्कुराए और बोले— "सखी, जहाँ सच्चा प्रेम होता है, वहाँ कभी-कभी शब्द मौन हो जाते हैं और आँसू बोलने लगते हैं। प्रेम से भरा हृदय अपने भाव अश्रुओं के माध्यम से व्यक्त करता है।" ...